Saturday, January 5, 2019

सर्दियों में अपने दिल का रखें खास ख्याल

हार्ट-1


सर्दी अपने साथ स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव भी लेकर आती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए आपको यह बताना जरूरी है कि आप खुद को बीमारियों से बचाते हुए सर्दियों का पूरा मजा कैसे लें।
"यह माना हुआ तथ्य है कि सर्दियों में दिल और दिमाग के दौरे व कार्डियक अरेस्ट "हृदय गति रुकना" की वजह से मृत्यु दर बढ़ने लगती है। इसके कई कारण है।

"पहला तो दिन छोटे हो जाते हैं जिससे हार्मोन्स में असंतुलन पैदा होता है और शरीर में विटामिन डी की कमी आती है जिससे दिल और दिमाग इसका प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना होती है।"

ठंडे मौसम में दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं जिससे दिल को रक्त और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। ठंडे मौसम में खास कर उम्रदराज लोगों को अवसाद घेर लेता है, जिससे उनमें तनाव और हाईपरटेंशन काफी हद तक बढ़ जाता है।

 हार्ट-2
सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर ज्यादा चीनी, ट्रांस फैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगते हैं जो मधुमेह और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत ही खतरनाक हो सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

1- उचित मात्रा में पानी पीने से ऊर्जा के साथ साथ पाचन बेहतर बना रहता है। अपने दिन की शुरुआत नाश्ते से पहले आधा लीटर पानी पीकर करें और हर घंटे बाद उचित मात्रा में पानी पीते रहें। प्ररन्तु खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं गुनगुना पानी ही पीने का प्रयास करें।
2- अच्छी सेहत के लिए सोलेबल और इनसोलेबल फाइबर से भरपूर आहार लें, जिसमें इसबगोल का छिलका, सेब, ओन ब्रैन और दालें खाएं। इनसोलेबल में संपूर्ण अनाज, ब्रोकली, सूखे मेवे, सीडज और वेजीटेबल स्किन शामिल होते हैं। फाईबर कई गंभीर बीमारियों से रक्षा करता है। फाइबर अपच सिंड्रोम में भी मदद करता है।
3- कच्चे फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज, सूखे मेवे, बीज और ताजा जड़ी बूटियां अपने आहार में शामिल करें। कच्चे आहार एनजाइम, विटामिन और रोग प्रतिरोधक एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं।
4- खूब धूप सेकें। 80 से 90 प्रतिशत लोग विटामिन डी की कमी से पीड़ित हैं जो सर्दी के अवसाद, जोड़ों के दर्द, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी का कारण बनता है। इसलिए सर्दियों में काफी धूप लें।
5- अच्छे भोजन में सात रंग और 6 स्वाद शामिल होते हैं। लाल सेब लाईकोपीन, हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों में बी काम्पलेक्स और नारंगी वस्तुओं से विटामिन सी मिलता है। इसी तरह मीठे, कसैले और नमकीन स्वाद वजन बढ़ाते हैं, तीखे, खट्टे और कड़वे स्वाद वजन कम करते हैं।
6- अगर आप धूम्रपान करते हैं तो छोड़ें! धूम्रपान वालों में अस्थमा और सांस की बीमारियां सर्दियों में आम हो जाती हैं जो दिल के दौरे का खतरा भी बढ़ाती हैं।
अत: खुद को निरोगी बनाए रखने के लिए उपरोक्त बातों का ध्यान रखें और स्वस्थ रहें वैसे आधा से एक घंटे योग एवं प्राणायाम जरूर करें कोहरे में कतई घूमने न जायें। अगर बाहर जाना पडे तो सर, कान नाक ढक कर जायें व पैरों में जूते जरूर पहनकर रखें। स्वस्थ जीवन जिएं।
                                                                                                                                             राधे राधे
                                                                                                                               वैद्य सुदेश यादव दिव्य
                                                                                                                                        मो. 9027687780

Thursday, January 3, 2019

गुणकारी जामुन


जामुन काले रंग का मौसमी फल होता है, इसका रंग भले ही काला है लेकिन इसमें गुण कमाल के होते है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ साथ ही इसमें कई औषधीय गुण भी मौजूद हैं। वैसे तो जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है, पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है। जामुन पेट के लिए तो बहुत ही फायदेमंद होती है। जामुन खाने से पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। शुगर के मरीजो के लिए जामुन एक बहुत अच्छी दवा है। जामुन के बीजों को सुखकर पीसकर रख ले और इस पाउडर को खाने से मधुमेह में काफी फायदा होता है। शुगर के अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर तक से बचाव में कारगर होते हैं। इसके अलावा पथरी की रोकथाम में भी जामुन खाना बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके बीज को बारीक पीसकर पानी या दही के साथ लेना चाहिए। अगर किसी को दस्त हो रहे हों तो जामुन को सेंधा नमक के साथ खाना पेट के लिए फायदेमंद रहता है, खूनी दस्त होने पर भी जामुन के बीज बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान में जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद ही साबित हुआ है। इसके बीज को पीसकर इससे मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ बने रहते हैं। 
अत: अनेकों गुण से भरपूर जामुन के प्रयोग के साथ साथ हम कुछ योग और प्राणायाम को अगर अपने जीवन में अपना लेते हैं और नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं, तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम मधुमेह जैसे असाध्य कहे जाने वाले रोग को भी मात दे स​कते हैं। बस जरूरत है तो सिर्फ हमारे दृढ संकल्प की, हमारी अटूट इच्छाशक्ति की, या हमारे जागरूक होने की। 
वैद्य सुदेश यादव दिव्य
योगगुरू, कवि
मो09368666665